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यूपी में हरियाणा बॉर्डर पर एक नया और हाईटेक शहर बसाने की तैयारी

ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना:
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के बाद ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्र में विकास की गति तेज हो गई है. अब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 30 गांवों की 10,500 हेक्टेयर जमीन पर न्यू आगरा विकसित करने की योजना बनाई है. इस प्रोजेक्ट के तहत शहरी सुविधाओं के विकास पर 40 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

इसका मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी ट्रेक्टेबिल इंजीनियर स्काई ग्रुप को दी गई है, जिसे 9 महीने का समय दिया गया है. यह क्षेत्र गौतम बुद्ध नगर से लेकर बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा जिलों के 1,153 गांवों में फैला हुआ है. पहले चरण में गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर के गांवों में शहरी ढांचा विकसित किया गया है, जबकि दूसरे चरण में अलीगढ़ और मथुरा के विकास की योजना भी तैयार की जा चुकी है.प्राधिकरण की तरफ से बनाया गया यह प्लान यमुना विकास प्राधिकरण की तरफ से पहले चरण में गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर की अधिक सूचित गांव में शहरी ढांचा विकसित किया है. फेज 2 में शामिल अलीगढ़ और मथुरा विकास का खाखा भी तैयार किया जा चुका है. ऐसे में फेज दो में शामिल आगरा के अधिसूचित गांव की जमीन पर नया शहर बसाने का यह कदम यमुना विकास प्राधिकरण का सबसे अहम कदम माना जा रहा है।
हालांकि सीईओ अरुणवीर सिंह के अनुसार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली उड़ान इस साल के आखिर में ही संभव है। क्योंकि यहां पर लगने वाला स्टील विदेश से आना है जिसके कारण उड़ान में विलंब हो रहा है गौरतलब है कि 3 साल पहले प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास किया जाने पर पहली उड़ान अप्रैल 2024 में ही प्रस्तावित थी।

मास्टर प्लान में किया गया शामिल: न्यू आगरा बेसन का मास्टर प्लान 2021 में शामिल किया जाएगा. यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर अरुण वीर सिंह कंपनी को 9 महीने का समय दिया है. कंपनी 9 महीने में मास्टर प्लान का ब्लू प्रिंट तैयार कर प्राधिकरण को सौंपेगी. उसके बाद नए शहर के विकास पर 40 हजार करोड रुपए खर्च करने का अनुमान लगाया गया है।

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