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रिटायरमेंट के बाद धनवान कैसे बनें?

अगर आप वाकई में अपने भविष्य को वित्तीय रूप से मजबूत और सुरक्षित बनाना चाहते हो तो इसके लिए जरूरी है कि आप वक्त रहते फाइनेंशियल और रिटायरमेंट प्लानिंग के बारे में जरूर विचार कीजिए।
अपने बुढ़ापे के दिन अगर आप ऐशो आराम से बिताना चाहते हो तो अपनी जवानी के दिनों में इस लेख में बताए हुए 4 गलतियों को करने से आपको बचना होगा। तभी आपका आने वाला भविष्य वाकई में सुरक्षित बन पाएगा।

आपातकालीन फंड बनाएं 
जवानी के दिनों में इमरजेंसी फंड तैयार न करना या न करने के बार में सोचना आपकी बहुत बड़ी गलती हो सकती है। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि न जाने कब अचानक से कोई इमरजेंसी आ जाए। अतः इसके लिए जरूरी है आप समय रहते इमरजेंसी फंड तैयार कर लें।

रिटायरमेंट प्लान को समझें 
रिटायरमेंट प्लानिंग को इग्नोर करना भी आपकी एक बड़ी गलती साबित हो सकती है। इसलिए जैसे ही आपकी नौकरी लग जाए या फिर नियमित आय का कोई स्त्रोत बन जाए तो अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू कर दीजिए। इसके चलते रिटायरमेंट प्लानिंग के साथ 60 की उम्र तक कंपाउंडिंग का लाभ भी उठा सकते हो। 

आवश्यकता के अनुसार ही खर्च करें 
इनकम के साथ अगर आप बजट नहीं बनाओगे तो फालतू के खर्चों को रोकना मुश्किल हो जायेगा। अतः फालतू के खर्चों से पर्सनल फाइनेंस मैनेज करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए बजट जरूर बनाए।
फ्यूचर को फाइनेंशियल मजबूती देने के लिए आपको स्मार्ट स्पेंडिंग की आदत जरूर डालनी चाहिए। स्मार्ट स्पेडिंग का अर्थ है कि अधिक महंगी चीजें न खरीदें और हो सके तो सेकंड हैंड खरीदारी कर सकते हो।

चक्रवृद्धि की ताकत को समझें 
आपको ये अंदाजा जब हो जाए कि रिटायरमेंट की उम्र तक कितना पैसा जोड़ना है, तब उतना पैसा सेविंग्‍स के तौर आपको बचाना होगा और इसे इन्‍वेस्‍ट करना होगा. इन्‍वेस्‍टमेंट उन जगहों पर करें, जहां पर आपको कंपाउंडिंग इंटरेस्‍ट का फायदा मिले. कंपाउंडिंग में निवेश को वेल्‍थ में बदलने की क्षमता होती है. इसमें आपको निवेश की राशि के साथ उसके ब्‍याज पर भी ब्‍याज मिलता है. आप जितने लंबे समय के लिए निवेश करेंगे, उतना ज्‍यादा कंपाउंडिंग का फायदा उठा सकते हैं. ऐसे में नौकरी की शुरुआत के साथ ही कंपाउंडिंग बेनिफिट्स देने वाली स्‍कीम्‍स जैसे पीपीएफ, एनपीएस, एसआईपी वगैरह में ज्‍यादा से ज्‍यादा निवेश करें. इसके अलावा नौकरीपेशा वीपीएफ के जरिए अपना निवेश ईपीएफ में भी बढ़ा सकते हैं और इसके जरिए अच्‍छा-खासा रिटायरमेंट फंड जोड़ सकते हैं. बेटी के पिता हैं तो उसके भविष्‍य की जरूरतों के लिए सुकन्‍या समृद्धि जैसी स्‍कीम को चुन सकते हैं, हालांकि वित्तीय विशेषज्ञ सुकन्या समृद्धि को निवेश नही बल्कि बचत समझते हैं क्योंंकि इसमें ब्याज दर कम होता है।

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