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शब्दों का महत्व: पॉजिटिव या नेगेटिव

शब्दों का महत्व.....
आज की शुरुआत में एक छोटी सी कहानी से करता हूं एक बार की बात है की कुछ मेंढक तेजी से उछलते हुए कहीं जा रहे थे रास्ते में उनमें से 5 मेंढक एक गहरे गड्ढे में गिर गये तो जब बाकी मेढकों ने देखा की पांच मेंढक गड्ढे में गिरे हैं तो वह जोर-जोर से चिल्लाने लगे कि अब तुम बाहर नहीं आ पाओगे क्योंकि यह गड्ढा बहुत गहरा है तो पांचो मेंढक कई बार कोशिश किया लेकिन बाहर निकलने में सफल नहीं हुए तो उनमें से एक मेंढक लगातार कोशिश करता रहा जबकि बाहर इकट्ठे सभी मेंढक जोर-जोर से चिल्ला रहे थे कि तुम बाहर नहीं आ पाओगे क्योंकि ये बहुत गहरा है लेकिन 5वां मेंढक कोशिश करता रहा करता रहा और थोड़ी ही देर बाद वह मेंढक बाहर पहुंच गया तो बाकी सभी मेंढक सोचने लगे कि आप बाहर कैसे आ गया यह तो बहुत गहरा है तो बाद में पता चला कि वह मेंढक वास्तव में बहरा था, उसे यह लग रहा था की बाहर इकट्ठे सभी मेंढक उसे बुला रहे हैं और मोटिवेट कर रहे हैं कि तुम कर सकते हो जल्दी बाहर आओ।
ना तो उसे कोई आवाज सुनाई दी बल्कि उसे सिर्फ बाकी मेंढकों का एक्सप्रेशन ही दिखा इसलिए वह निरंतर प्रयास करता रहा और बाहर आ गया, वहीं गड्ढे में फंसे बाकी सभी मेंढक वह आवाज सुनकर यह मान लिए थे कि अब गड्ढे से बाहर नहीं निकला जा सकता। 
मैं आपको बताना चाहूंगा कि मैं लगभग 30 देश की यात्रा की है और वहां पर अपना सेमिनार और मोटिवेशनल स्पीच दिया है इन सभी लोगों में मैंने यहां ऑब्जरवेशन किया कि दुनिया में सिर्फ दो तरह के लोग पाए जाते हैं एक सफल और दूसरे संघर्षशील। सफलता के बारे में बाद में बात करेंगे लेकिन जो संघर्षशील होते हैं उनके शब्दकोश में अधिकांश शब्द नेगेटिव होते हैं, जैसे :कि मैं कर पाऊंगा या नहीं, मैं सफल हो पाऊंगा या नहीं, अगर मैं असफल हो गया तो क्या होगा, नहीं! मेरे सामने यह परेशानी है मैं सफल नहीं हो पाऊंगा आदि। इसका भी मैं एक उदाहरण देता हूं कि.. एक बार में सुबह उठा तो पत्नी ने पूछा तबीयत तो ठीक है? और तुम्हें देखने में तबीयत ठीक नहीं लग रही है। फिर जब मैं अपने ऑफिस गया तो वहां पर मेरा कोई कॉलीग बोलता है आज तुम कुछ परेशान लग रहे हो, फिर दूसरा बोलता है तुम्हारे चेहरे पर आज वह रौनक नहीं है, थोड़ी देर बाद कोई और बोलता है लगता है तुम रात में ठीक से सोए नहीं हो जबकि मैंने सबको यही उत्तर दिया कि नहीं मैं बिल्कुल ठीक हूं लेकिन बार-बार हमारे जेहन में यह शब्द अपना घर कर लेते हैं तो हम भी यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि कहीं कुछ तो गड़बड़ जरूर है, आईने के सामने जाने पर लगता है आज वास्तव में मैं मुरझाया हुआ लग रहा हूं, जबकि ऐसा होता नहीं है।
आज मैं आपको पांच ऐसे शब्द बताता हूं जो हम अपने जीवन में बार-बार बोलकर अपना आने वाला समय सुगमता से बिताते हैं आईए जानते हैं यह शब्द क्या है
1. प्लीज या कृपया: इस जादूई शब्द से आप सामने वाले को रिक्वेस्ट कर रहे हैं उसकी वैल्यू कर रहे हैं और आप कोई आर्डर नहीं दे रहे हैं ज्यादातर जगह देखा जाता है रिस्पेक्ट कि आपने उसे आर्डर नहीं दिया और जब आप प्लीज शब्द का उपयोग रूटीन लाइफ में करेंगे तो अब देखेंगे कि सामने वाले को आप एक बहुत पॉजिटिव इंपैक्ट देते हैं और वह खुशी से अपना काम करना पसंद करता है दूसरा मैजिकल एक्सप्रेशन है और था इस थैंक यू पावरफुल है मुझे नहीं लगता कि दुनिया में और कोई पॉवरफुल वर्ड्स आपको मिल सकते हैं ।
2. थैंक यू(धन्यवाद, शुक्रिया): एक सुपर पावर इस जादूई शब्द के अंदर जुड़ा हुआ है अब आपने कभी ना कभी सुना होगा कि ग्रेटफुल होना थैंकफूल होना आभारी होना बहुत ही ज्यादा जरूरी है अब इसके रेफरेंस में मैं आपके साथ शेयर करूं कि आप थैंक यू बोलते हैं तो इसका मतलब यह है आपको नहीं लगता कि आप थैंक्यू तभी बोल सकते हैं जब आप कुछ पॉजिटिव देख पाए हैं। अब आपने पॉजिटिव पर फोकस किया और आपने थैंक यू बोला तो ऑटोमेटेकली आपके अंदर से यह रिसर्च बताता है कि ग्रेटफुल होने से विचार दूर हो जाते हैं स्ट्रेस भी दूर हो जाता है उसी के साथ आप शुरू कीजिए 
आप एक डायरी बनाइए उस डायरी में लिखना शुरू कर दीजिए कि मैं भगवान का आभारी हूं क्योंकि मतलब है कि मैं भगवान का आभारी हूं क्योंकि और उसके बाद आप वह सारे पॉइंट्स लिखिए जो आज के दिन में अच्छे-अच्छे हुए फॉर एग्जांपल आज आपके बॉस ने आपकी तारीफ कर दी तो लिखिए उसमें अगर आज आपको कहीं पर डिस्काउंट मिल गया तो लिखिए वहां पर आज आपने कुछ बेहतरीन काम कर दिया तो लिखिए आज आपका 1 किलो वजन कम हो गया तो लिखिए कहने का मतलब कुछ भी पूरे दिन में जो अच्छा हुआ है मैं चाहता हूं कि आप अपनी ग्रिटीट्यूड डायरी में लिखना शुरू करें। सोने से पहले आपको पता है तो रात को आधा घंटे पहले जो सोने का वक्त है तब हम जो सोचते हैं जिस चीज पर आपका फोकस होता है वह आपके सब कॉन्शियस माइंड अपने आप प्रेषित होता रहता है। 
कई बार ऐसा होता है कि सिर्फ़ एक शब्द ही पूरा सुख बुन देता है और 'धन्यवाद' ऐसा ही शब्द है। एक भरा-पूरा शब्द जो किसी भी तरह के सहयोग, सेवा का माल्यार्पण है। हम प्रसन्न होते हैं किसी का सहयोग पाकर और हमारे अंदर भी बहुत कुछ फैलता है, वही कह देता है धन्यवाद। यह शब्द 'धन्य और वाद' के समासीकरण से बना है।
अक्सर। जब आप गलत हों तो माफी मांगना सीखना दूसरों से विश्वास और सम्मान अर्जित करने का सबसे तेज़ तरीका है। प्रत्येक उपहार या दयालु भाव के लिए कृतज्ञता खुशी का एक तेज़ रास्ता है। धन्यवाद कहना उपहार को स्वीकार करता है, ठीक वैसे ही जैसे कृपया कहना स्वीकार करता है कि आपको एक एहसान या सहायता की आवश्यकता है। दयालुता महत्वपूर्ण है।
3. Sorry : इस जादुई शब्द का उपयोग हमें सिर्फ तभी नहीं करना है जब हमसे कोई गलती होती है बल्कि जब किसी और के भी साथ कुछ गलत होता है तब भी हम उसे सॉरी बोल सकते हैं इससे कहीं ना कहीं उसे कॉन्शियस माइंड में यह संदेश जाता है कि आप उसके सच्चे हितैषी हैं, उसके दुख में आप उसके साथ हैं। जैसे: यदि आपसे किसी ने कहा कि मैंने कहीं पर इन्वेस्ट किया था मेरा वह पैसा डूब गया तो आप उसे ऐसा कह सकते हैं "सॉरी यह जानकर मुझे भी दुख हुआ"।
या फिर यदि कोई आपसे अपनी किसी परेशानी के बारे में बताएं तो भी आप ऐसा बोल सकते हैं।
मैंने ऐसा देखा है कि जब किसी से कोईगलती होती तो वह अपनी गलती मानने को तैयार नहीं हो पता है और वह तैयार हो भी जाता तो वह सॉरी जैसा शब्द बोलने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाता है। मैं अक्सरअपने से एक रिलेशनशिप इवेंट को लेकर एक टेक्निक प्रोग्राम करता हूं तो जब उसे प्रोग्राम की आखिरी दौर में उनमें से कई लोग रोने लगते हैं उनको अपने जीवन में यह रिलाइज़ होता है कि हमने अभी तक कितनी बार अपने पेरेंट्स को अपने बच्चों को या पति/पत्नी को दु:ख पहुंचाया है । 

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