भारत में अमीरों की संख्या 1\4 तेजी से बढ़ने वाली है और गरीबों की संख्या 3 गुना तेजी से बढ़ेगी - WEF
इस दुनिया में अमीर (Rich) और गरीब (Poor) के बीच का गैप लगातार बढ़ रहा है. अरबपतियों की दौलत तेजी से बढ़ रही है और वो लगातार ज्यादा अमीर होते जा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ गरीबों की संख्या भी बढ़ती जा रही है क्योंकि लोगों की कमाई घट रही है. स्विटजरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की बैठक में ऑक्सफेम की रिपोर्ट में दावा किया गया कि दुनिया के 15 सबसे रईस लोगों की दौलत 2020 (कोरोना के बाद) के बाद से दोगुनी से ज्यादा हो गई है इसके मुताबिक, मौजूदा रुझान जारी रहा तो एक दशक के भीतर ही दुनिया को शायद 5 Trillionaire यानी 5 खरबपति मिल जाएगा.
220 साल तक दुनिया से गरीबी (Poverty) खत्म नहीं होगी
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 के बाद से अब तक 5 अरब से ज्यादा लोगों की आमदनी घटी है और गरीबों की संख्या बढ़ी है. ऑक्सफेम की रिपोर्ट में इस ट्रेंड के आधार पर गंभीर चिंता जाहिर की गई है. इसमें कहा गया है कि अगर ये रुझान जारी रहा तो अगले 220 साल तक भी दुनिया से गरीबी खत्म नहीं होगी. ऑक्सफैम ने हर साल की तरह वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम की एनुअल बैठक के दौरान अपनी सालाना असमानता रिपोर्ट जारी करते हुए ये जानकारी दी है।
साल में दोगुनी हुई अमीरों की संपत्ति (Billionaire Net Worth)
अमीरों की बढ़ती दौलत पर रोशनी डालते हुए ऑक्सफेम की रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के 10 सबसे बड़े कॉरपोरेशन में से सात में सीईओ या प्रमुख शेयल होल्डर एक अरबपति (Billionaire) है. 148 टॉप कॉरपोरेशन ने 1800 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया जो तीन साल के औसत से 52 फीसदी ज्यादा है. इस अवधि में अमीर शेयर होल्डर्स को भारी भुगतान किया गया जबकि करोड़ों लोगों को वेतन कटौती का सामना करना पड़ा. असमानता और ग्लोबल कॉरपोरेट शक्ति पर ऑक्सफैम की रिपोर्ट में कहा गया कि दुनिया के 5 सबसे अमीर लोगों की संपत्ति 2020 के बाद से 1.4 करोड़ डॉलर प्रति घंटे की दर से बढ़ी है. इस दौरान ये 405 अरब डॉलर से दोगुनी से ज्यादा बढ़कर 869 अरब डॉलर हो गई है.
अमीर-गरीब की खाई ज्यादा गहरी हुई
गरीबी और अमीरी की बढ़ती खाई के बीच दौलत के असमान बंटवारे की मिसाल देते हुए ऑक्सफैम इंटरनेशनल ने कहा है कि ‘ग्लोबल नॉर्थ’ के अमीर देश वैश्विक आबादी के महज 21 फीसदी का प्रतिनिधित्व करते हैं. लेकिन इन देशों की वैश्विक संपत्ति में 69 परसेंट हिस्सेदारी है. इसमें कहा गया है कि दुनिया के 74 फीसदी अरबपतियों की संपत्ति ‘ग्लोबल नॉर्थ’ के अमीर देशों में है. साफ है कि जबतक दुनियाभर में आय में असमानता की ये भारी खाई कम नहीं होगी तब तक संपन्नता का अंतर ऐसे ही बना रहेगा जो सामाजिक अर्थव्यवस्था की दूरी की भी सबसे बड़ी वजह है। अमीर अपने पैसे को सही जगह पर इन्वेस्ट करते हैं जिससे उनका धन लगातार पीछे से बढ़ता रहता है वह भी समय दर समय। वहीं गरीब आदमी इन्वेस्टमेंट नहीं करता बल्कि वह बचत पर ध्यान देता है जिसके कारण उसका धन महंगाई के कारण पीछे से लगातार कम होता रहता है और वह समय दर समय गरीब होता जाता है। यह बात पूरी तरह से सही है की कई देश आने वाले समय में बहुत तेजी के साथ अमीर होंगे और वहीं पर कई देश बहुत तेजी के साथ गरीबों की ओर बढ़ रहे हैं अगर हम आज भारत की बात करें तो अमीर और गरीब के बीच गैप भी बहुत तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले 220 वर्षों तक दुनिया से गरीबी कम होती नहीं दिख रही है। भारत में नए स्टार्टअप्स तेजी से बढ़ रहे हैं जिसके कारण आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2030 तक देश की कुल जनसंख्या के 10% नए करोड़पति और तैयार होंगे जो कि एंटरप्रेन्योर होंगे जब तक देश में नए स्टार्टअप नहीं बढ़ेंगे तब तक करोड़पतियों की संख्या नहीं बढ़ेगी, ऐसा आईएमएफ का मानना है।
अमीर और गरीब में क्या अंतर है? यह बहुत सामान्य सा प्रश्न है लेकिन इसके महत्वपूर्ण कारक के कुछ बिंदु में प्रस्तुत करता हूं एक अमीर और गरीब के बीच में जो तार्किक अंतर होता है वह पेश है.....
1. गरीब – मुझे काम करना होगा! पैसा कमाने के लिए
अमीर – मुझे पैसे से अपने लिए काम करवाना है।
2. गरीब – ज्यादा दौलत सिर्फ गलत काम करके ही आती है और ज्यादा दौलत से से इंसान का दिमाग ख़राब हो जाता है!
अमीर – पैसा हमको यह आजादी(Freedom) देता है कि मुझे अपनी सहुलियतों से समझौता ना करना पड़े, और मैं अन्य लोगों की मदद कर सकूं।
3. गरीब – अमीर बनने के लिए भाग्य और अच्छे Connection की जरूरत होती है।
अमीर – मुझे luck और connection के बारे में नहीं सोचना है! मुझे खुद खूब मेहनत कर अपनी किस्मत को बदलना है!
4. गरीब – मेरे पास एक नौकरी होनी चाहिए जहां से मैं कुछ पैसे कमा सकूं और अपना पेट पाल सकूं।
अमीर – मुझे कई जगह से पैसा कमाने की सोचनी चाहिए, जिससे जितना काम मैं पैसे के लिए करूं उससे ज्यादा काम पैसा मेरे लिए करे।
5. गरीब – मैं केवल उतना ही बचा सकता हूं जो खर्च पूरा करने के बाद रह गया है।
अमीर – मैं पहले 20% Save करूंगा उसके बाद देखूंगा कि 80% में क्या और कैसे करना है।
6. गरीब – मुझे अपनी Job और Post के हिसाब से पैसा मिलना चाहिए।
अमीर – मुझे उतना पैसा मिलना चाहिए, जितनी मैं मेहनत(Hard Work) कर रहा हूं। और उसमें लगातार बढ़ोतरी भी होनी चाहिए।
7. गरीब– मुझे मौके के इंतजार में रहना चाहिए!
अमीर – मुझे किसी Opportunity के इंतजार में न रहकर खुद ही मौके बनाने होंगे!
8. गरीब – मैं अपने मकसद में कामयाब(Success) नहीं हो पाया। ये मेरे बस की बात नहीं।
अमीर – मैं अपने मकसद में कामयाब(Success) नहीं हो पाया, मझे अब कोई और रास्ता निकालना होगा।
9. गरीब – मुझे जो भी करना है! अपने पैसे के दम पर करना है।
अमीर – मुझे दूसरों लोगो को इस बात के लिए राजी करना है! कि वो मुझ पर और मेरे IDEAS पर पैसा लगाएं।
10. गरीब– अब मुझे भी Smart बनना पड़ेगा लेकिन पता नहीं मैं बन पाऊंगा या नहीं।
अमीर – मेरे पास अच्छे Idea होने चाहिएं। और मुझे ऐसे लोगो के साथ रहना चाहिए जो Expert है और मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने को मिले।

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