भारत में म्युचुअल फंड के ताजा आंकड़े
भारत में अब म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) का क्रेज बढ़ता जा रहा है. ज्यादा रिटर्न के लिए लोग अब जोखिम उठाने को भी तैयार हैं।
यही म्यूचुअल फंड के लोकप्रिय होने की प्रमुख वजह है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर, 2023 में लगातार 33वें महीने इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंड्स में नेट इनवेस्टमेंट देखने को मिला. पिछले महीने 16,536.42 करोड़ रुपये का नेट इनवेस्टमेंट म्यूचुअल फंड्स में रहा. नवंबर महीने में म्यूचुअल फंड्स का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 49.06 लाख करोड़ रुपये पर जा पहुंचा है जो कि अब तक का उच्चतम स्तर है। अब नई जनरेशन का क्रेज म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट में बहुत हो रहा है अभी देश भर के 10 बड़े महानगरों में लगभग 71% लोग म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट कर रहे हैं ( यह आंकड़ा देश भर के इन्वेस्टर के हिसाब से है)
पहले लोग बैंकों और पोस्ट ऑफिस को ज्यादा तरजीह देते थे लेकिन अब नए शिक्षित लोग म्युचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं उनको पता लग रहा है कि बैंकों में पैसा डालने का मतलब पैसे को सड़ाना होता है क्योंकि देश में महंगाई दर 7% है और एफडी और आरडी पर ब्याज दर 7% तक है। म्युचुअल फंड में निवेश पर CAGR ब्याज मिलता है जिसे चक्रवृद्धि ब्याज कहते हैं म्युचुअल फंड निवेश में चक्रवृद्धि के ऊपर चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है जिससे पैसा लंबी अवधि में बहुत तेजी से बढ़ता है।
हालांकि, म्यूचुअल फंड के नेट इनफ्लो में मासिक आधार पर 16 फीसदी की गिरावट आई है. नवंबर में जहां नेट इनफ्लो 16,536.42 करोड़ रुपये था, वहीं एक महीने पहले यानी अक्टूबर में यह 19,957.17 करोड़ रुपये था. नवंबर 2023 में SIP के जरिए किया जाने वाला निवेश रिकॉर्ड हाई पर जा पहुंचा है. नवंबर महीने में पहली बार 17,200 करोड़ रुपये से ज्यादा सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश आया है।

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